आज के समय का मंत्र , सीखो जीने का तंत्र !
दुनिया दिखती गोल ज़रूर , पर असल में है टेढ़ी,
हर कोई शक़स कर रहा यहाँ पर जगह-जगह षड्यंत्र,
आज के समय का मंत्र , सीखो जीने का तंत्र !
जो भी वस्तु दिखती है वो अमूमन होती नही ,
और जो होती है वो मिलती नही , चाहे ढुंढ़ो सर्वत्र,
आज के समय का मंत्र , सीखो जीने का तंत्र !
वाणी मीठी बोल के , छल जो जाते बड़े बड़े
,
सही व्यक्ति बोले कटु वचन तो मच जावे हड़कंप.
आज के समय का मंत्र , सीखो जीने का तंत्र !
किंतु - परंतु में कुछ नही शेष , बात करो सपष्ट,
जो शरमावे , इज़्ज़त दे , कपाट हो जावे बंद .
आज के समय का मंत्र , सीखो जीने का तंत्र
चोरो को जितवा-जितवा के फोड़े उन्ही के सर ठीकरा,
सदुपयोग करो अपने
मत का , बचा लो अब गणतंत्र,
आज के समय का मंत्र , सीखो जीने का तंत्र !
जीवन जीना सरल नही , व्यर्थ में करे जो चिंतन,
किस्मत से अब फल ना मिलता , करना पड़े संघर्ष
आज के समय का मंत्र , सीखो जीने का तंत्र !
कहत विनय सुनो भाई-बहनो , मत करो तुम द्वेष
पैसे, खुशी और सफलता का कही ना बिकता यंत्र
आज के समय का मंत्र , सीखो जीने का तंत्र !
-
लेखक- विनय सिंगला
समय - एक एप्रिल , सन् 2014

No comments:
Post a Comment